Friday, 23 September 2011

शब्दांजलि

नवाब पटोदी ना रहे, आत्मा हुई विलीन |
क्रिकेट प्रेमी दुखी सब, माहौल है ग़मगीन ||
माहौल है ग़मगीन नहीं कोई उनका सानी |
छयालिस में से बयालीस में उनकी कप्तानी ||
कहे शून्य कवि राय, विलक्षण थे वो  खिलाड़ी |
शर्मिला, सैफ ही नहीं सभी उन पर बलिहारी ||
- शून्य आकांक्षी

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