Thursday, 29 September 2011

नैनवा कवि-सम्मलेन में एक हादसा

कवि-सम्मेलन में हुआ बड़ा तमाशा एक |
वीर रसीय कविवर पिटे, पुलिस, भीड़ रही देख ||
पुलिस, भीड़ रही देख मंच पै गुंडे चढ़ गए |
काव्य-धार फूटी जिस मुख से घूँसे जड़ गए ||
कहे 'शून्य' नर-नारी, बच्चो, युवक औ' बूढ़ो |
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता वालों को ढूँढ़ो ||

- शून्य आकांक्षी


( राजस्थान पत्रिका समाचार, 29 / 09 / 2011, नैनवा, बूंदी, राजस्थान )

Monday, 26 September 2011

एक निवेदन: रेल-यात्रा सुरक्षित बनाओ

काम गलत कोई करे, मिटे रेलवे साख |
यात्री चढ़ गए छत्त पै, रखी सुरक्षा ताक ||
 
रखी सुरक्षा ताक हलाक़ हो गए बिचारे |
मलियान ब्रिज से टकराके वे स्वर्ग सिधारे ||
कहे 'शून्य' कविराय न जीवन व्यर्थ गँवाओ |
रेल और यात्री सब सेफ्टी ढंग अपनाओ ||

- शून्य आकांक्षी
( एक समाचार, सोमवार, 26 सितम्बर 2011 : अजमेर के पास हादसा - ट्रेन की छत पर बैठे छात्र ब्रिज से टकराए,  5 की मौत, 9 घायल )

Friday, 23 September 2011

शब्दांजलि

नवाब पटोदी ना रहे, आत्मा हुई विलीन |
क्रिकेट प्रेमी दुखी सब, माहौल है ग़मगीन ||
माहौल है ग़मगीन नहीं कोई उनका सानी |
छयालिस में से बयालीस में उनकी कप्तानी ||
कहे शून्य कवि राय, विलक्षण थे वो  खिलाड़ी |
शर्मिला, सैफ ही नहीं सभी उन पर बलिहारी ||
- शून्य आकांक्षी

Sunday, 18 September 2011

राहुल द्रविड़ फटाफट-क्रिकेट से विदा

बीस-बीस  अरु  इक  दिनी, विदा लीन  दीवार |
खेलेंगे   बस   टेस्ट   में,  सुन्दर, सही विचार ||
सुन्दर, सही विचार, फटाफट-क्रिकेट तब तक |
उम्र  करे  ना वार चपल दम-ख़म है जब तक ||
कहे 'शून्य' कविराय, द्रविड़ राहुल की जय हो |
खेलो  क्रिकेट  खूब   गेंद-बल्ले  में  लय  हो ||
- शून्य आकांक्षी